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मेरी कलम

अग्निपथ / हरिवंश राय बच्चन

वृक्ष हों भले खड़े,हों घने हों बड़े,एक पत्र छाँह भी,माँग मत, माँग मत, माँग मत,अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ। तू न थकेगा कभी,तू न रुकेगा कभी,तू न…

मुश्किल बहुत है, मगर वक्त ही तो है गुजर जाएगा / अमिताभ बच्चन

गुजर जाएगा, गुजर जाएगामुश्किल बहुत है, मगर वक्त ही तो हैगुजर जाएगा, गुजर जाएगा जिंदा रहने का ये जो जज्बा हैफिर उभर आएगागुजर जाएगा, गुजर…

सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो / निदा फ़ाज़ली

सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलोसभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो इधर उधर कई मंज़िल हैं चल…

हो गई है पीर पर्वत / दुष्यंत कुमार

हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,शर्त लेकिन थी कि ये…